उमाशंकर मौर्य [संवाददाता]
सहाबगंज क्षेत्र के बरहुआँ गांव में हमारा देश भारत संपूर्ण विश्व में धर्म की ध्वजा का अग्रगण्य वाहक है और आगे भी रहेगा। उक्त घोषणा बरहुआँ में चल रही। श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर श्री कौशलेंद्र जी महाराज ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऐसा देश है जहां घोर नास्तिक भी यहां आकर के आस्तिक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हाईवे सॉन्ग चीन का यात्री था और भारत आने से पहले नास्तिक था यहां आकर आस्तिक बन गया उन्होंने कहा कि भक्ति के गुण अर्थ का अन्य व्यय करते हुए। प्रभु कथा चाहे जो भी हो उसमें यदि भक्ति का प्रक्रम नहीं होता तो समझना चाहिए कि हमारी जीवन की दिशा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि भक्ति के दो पुत्र ज्ञान और वैराग्य है। कौशलेंद्र ने कहा कि भक्ति ज्ञान और वैराग्य के बिना नहीं रह सकती क्योंकि ज्ञान होने से संसार के सत्य का बोध करता है।और जब सांसारिक सत्य का ज्ञान होता है, तब ही हमारे अंदर वैराग्य पैदा होता है।कथा में
मुख्यतः रामदास द्विवेदी, रामप्यारे मौर्य, प्रहलाद मौर्य,गीता शुक्ला,राधेश्याम द्विवेदी आदि लोग उपस्थित रहे संचालन अखिलेश द्विवेदी ने किया।
सहाबगंज क्षेत्र के बरहुआँ गांव में हमारा देश भारत संपूर्ण विश्व में धर्म की ध्वजा का अग्रगण्य वाहक है और आगे भी रहेगा। उक्त घोषणा बरहुआँ में चल रही। श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर श्री कौशलेंद्र जी महाराज ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऐसा देश है जहां घोर नास्तिक भी यहां आकर के आस्तिक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हाईवे सॉन्ग चीन का यात्री था और भारत आने से पहले नास्तिक था यहां आकर आस्तिक बन गया उन्होंने कहा कि भक्ति के गुण अर्थ का अन्य व्यय करते हुए। प्रभु कथा चाहे जो भी हो उसमें यदि भक्ति का प्रक्रम नहीं होता तो समझना चाहिए कि हमारी जीवन की दिशा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि भक्ति के दो पुत्र ज्ञान और वैराग्य है। कौशलेंद्र ने कहा कि भक्ति ज्ञान और वैराग्य के बिना नहीं रह सकती क्योंकि ज्ञान होने से संसार के सत्य का बोध करता है।और जब सांसारिक सत्य का ज्ञान होता है, तब ही हमारे अंदर वैराग्य पैदा होता है।कथा में
मुख्यतः रामदास द्विवेदी, रामप्यारे मौर्य, प्रहलाद मौर्य,गीता शुक्ला,राधेश्याम द्विवेदी आदि लोग उपस्थित रहे संचालन अखिलेश द्विवेदी ने किया।





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