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लॉक डाउन की वजह से ब्यूटी पार्लर के रोजगार पर भारी असर, शादी विवाह बंद होने से ब्यूटी पार्लरो की नहीं पड़ी जरूरत

                            पार्लर तक युवतियों
 व महिलाओं को न आने से रोजगार बंद होने के कगार पर
--शादी ब्याह बंद होने से रोजी रोटी का संकट गहराया
 
              लोकपति सिंह ,उमाशंकर मौर्य ( संवाददाता )



  इलिया। कोविड-19 के चलते देश में लगे लाॅक डाउन से जहां हर तरह की व्यवसाय पर असर पड़ा है। वही ब्यूटी पार्लर का भी कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ गया है। कारोबार में लगी महिलाओं के समक्ष रोजी रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आधुनिकता की चकाचौंध में युवा वर्ग की लड़कियां एवं महिलाएं चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए आए दिन ब्यूटी पार्लर का शरण लेती हैं। जिससे कारोबार में लगी महिलाओं का व्यवसाय अच्छा खासा चलता है। इतना ही नहीं शादी ब्याह के समय में इस कारोबार में लगी महिलाएं अच्छा खासा कमाई कर लेती हैं। इनकी इनकम पर पूरे परिवार का खर्च चलता है। जबकि लॉक डाउन के चलते शादी ब्याह बंद हो गए हैं। वही लड़कियां तथा महिलाएं घरों से बाहर निकलने से परहेज करने लगी। यही कारण है कि लाॅक डाउन के पूर्व सौंदर्य दिखने वाली युवतियां व महिलाएं कि चेहरे की चमक फीकी पड़ गई । तो कारोबार में लगी महिलाओं के समक्ष रोजी रोटी का गंभीर संकट  खड़ा हो गया है।

                           
                             शशि कला सिंह

सैदूपुर में ब्यूटी पार्लर चला रही शशिकला सिंह कहती हैं कि 10 किलोमीटर दूर से बाइक द्वारा पार्लर तक आना पड़ता है। ब्यूटी पार्लर ही उनके पूरे परिवार का आय का स्रोत है। लॉकडाउन में कारोबार के बंद होने से इन दिनों पेट्रोल का खर्च भी निकालना मुश्किल भरा काम हो गया है।

                                   महेश्वरी

ब्यूटी पार्लर संचालिका माहेश्वरी कहती है कि पार्लर से पूरे गृहस्ती का खर्च चलता है, यहां तक कि बच्चों की पढ़ाई लिखाई भी पार्लर की कमाई से ही करना पड़ता है। लॉकडाउन के चलते पैसे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

                             उर्मिला चौहान

पार्लर संचालिका उर्मिला चौहान कहती है कि लॉकडाउन ने परिवार का बजट गड़बड़ा दिया है। शादी ब्याह बंद होने से रोजी रोटी पूरी तरह से ठप हो गई है।

                              नीलिमा सिंह

वही खुशी ब्यूटी पार्लर  संचालिका निलिमा सिंह कहती हैं कि लॉकडाउन मैं दुकानें खुलने के बाद भी लड़कियां और महिलाएं बाहर नहीं निकल रही हैं। जिससे पार्लर का कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया है। आगे भी यही हाल रहा तो बच्चों की पढ़ाई लिखाई जहां बर्बाद हो जायेगा, वही रोजी रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल भरा काम हो जाएगा।

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